सोमवार, 28 जुलाई 2014

tanu thadani तनु थदानी दही जमाई है

न पूछो हिन्दू हूँ , फिर क्यों कर मैंने, ईद मनाई है ?
वो मेरा दोस्त बड़ा खुश है , तभी तो, ईद मनाई है !

मैं उसकी अम्मी को अक्सर, अम्मी ही कह जो देता था ,
उसी ने हँस के मुझको , आज वो बातें ,याद दिलाई है !

कभी बचपन में उसको रंग के ,संग खिचवाई इक फोटो,
सभी ही पूछा करते देख वो फोटो , 'छोटा भाई  है '?

किसी का काम ही हो जो दूध फाड़ना , नींबू वो खोजे ,
वो मैंने दूध में थोड़ी दही मिला के , दही जमाई है !

सोमवार, 21 जुलाई 2014

tanu thadani तनु थदानी ये खबरें आजकल की




ये सांसे व्यस्त हैं इक ढ़ोग में , कुछ ना बतायेंगी !
क्यूँ इनसे प्यार हैं करते , ये हमको मार जायेंगी !

दिमागी गंदगी को पूर्णतः बाहर निकालो फिर,
कड़कती धूप सोखेगी , या बारिश लील जायेगी !

बदन के मैल को चाहे छिपाओ, साफ कपड़ों में ,
मगर ये गंध तो है बेवफा , सबको बतायेगी !

हमारी भूख में शामिल है जो,जिस्मों की भूख भी ,
अगर हम बच न पायें ,हम सबों को ,खा ये जायेगी !

 नहीं पूरी तरह अखबार को तुम, पढ़ न पाओगे ,
ये खबरें आजकल की देखना , इतना रुलायेंगी !

तुम्हें मरहम लगाता हूँ ,हमारे हाथ जलते हैं !
तुम्हें तो प्यार हो न हो , मगर हम प्यार करते हैं!

तुझे हम प्यार करते हैं प्रिय , इसलिए तुझको
तुझे कमियों के संग संग ही,स्वीकार करते हैं !

कोई जो संग शर्तों के , करे है प्यार की बातें ,
मेरी मानो वो प्रेमी  , प्रेम संग व्यापार करते हैं !