मंगलवार, 28 अगस्त 2012

हम ही बदमाशियां करते hey eshwar-3 (tanu thadani) हे ईश्वर -3 { तनु थदानी }



सभी   हम  खूं   के  रंग  से  एक   हैं , आभास   होता  है  !
मगर  क्यूँ  इक   बना मालिक क्यों , एक  दास  होता है !

कभी   उछला  के   ऊपर  देख  शिशु  , खिलखिलायेगा  ,
तुम्हारे  बच्चे  को  तो  तुम   पे   यूँ  , विश्वास  होता   है  !

ज़माने   के   उछालों   से   कभी  , परेशान   ना    होना ,
तुम्हारा   ईश   भी    हरदम   , तुम्हारे   पास   होता   है  !

हमारे   ओर    चारो    रास्ते    हैं ,   स्वर्ग    के    यारों  ,
मगर   हम   हैं   की  चौराहे   पे , अपना   वास  होता  है !

जो  मीठी  बात  कह  तुमको सुलाए , ख़ास  हो  ना  हो ,
जो   कडवी  बात  कह  तुमको  जगाये , ख़ास  होता  है !  

हम  ही  बदमाशियां  करते   पहन ,कुरते   शराफत के ,
कहे   फिरते   सभी   से   वक्त   ये ,  बदमाश  होता   है !

बुधवार, 22 अगस्त 2012

मेरा आमन्त्रण है तुम्हे hey eshwar-3 (tanu thadani) हे ईश्वर -3{ तनु थदानी }


हे ईश्वर !
तुम्हारे  द्वारा  दिया गया   आँखों   का  पानी ,
कभी  नहीं  बहाया  मैंने  आंसू   बना कर ,
सुरक्षित  रखा इक  शर्म   के लिए  मात्र  !

हे  ईश्वर !
मैं   सच  कहता हूँ 
हर   घर से  विसर्जित  होती  नालियों  में 
मैंने  वो  ही पानी   देखा 
अन्दर  हर  घर  के  उस  शर्म  को  बेशर्म   होते देखा !

काश !
मैं  तुम्हारे  लिए  खुद  को  सुरक्षित  रख  पाता !
जैसा    तुमने   भेजा  था  निर्मल  और  स्वच्छ ,
वैसा  तुम  तक लौट  पाता  ....................

हाँ !
मैं   केवल  तुम्हारा  आलिंगन  चाहता  हूँ ,
मगर   अभी  नहीं !
मुझे  अपने  ऊपर  लगाए   तमाम  कीचड़   साफ़  करने की   क्षमता  दो  ईश्वर ,
जिस -जिस  ने  भी मुझे  कीचड़  लगाया 
उनके   हाथ भी  साफ़   करना ईश्वर 
ताकि  जब भी  वो  तुमसे  क्षमा  मांगने हेतु  हाथ जोड़े 
तो कम से कम हाथ  साफ़  व  स्वच्छ  हो  उनकें  !

मैं  नहीं  जानता  हे  ईश्वर  तुम्हारे   निराकार में   समाहित  आकार को 
अगर जानता तो  उस  आकार  में   तुम्हारी गोद  ख़ोज  लेता 
जहां  मैं दुबक  कर -  सिमट कर बैठता 
और  तुम्हारे   हाथों का स्पर्श  सर   पे  महसूस  करता !!

तुम्हारे  बारे  में  लिखे  पुराण  और  कुरआन 
दोनों  को लड़ते  रक्त- रंजित  होते  देखा 
क्या ऐसा  संसार  मंजूर था तुम्हे ?
शायद नहीं ........
तभी तो  सर्वज्ञ  मानने  के  बावजूद  
ये भी   जानते हैं 
कि  तुम हो  ही  नहीं   इस संसार  में !
अगर  होते  तो 
श्रृन्गारित   होती   हमारी आत्माएं   प्रेम से !!

हे  ईश्वर !
मेरा आमन्त्रण  है  तुम्हे -    
आओ  अपनी  बनाई  इस  दुनिया  में !
मगर   किसी  रूप  में  न  आना 
ना ही  शब्दों  और  किताबों  में  आना 
आना  तो  हमारी  आँखों  में  पानी  बन  कर  आना 
जो   संभाल रखे  तुम्हे ,  उसी का  हो  के   रह जाना  !! 

रविवार, 12 अगस्त 2012

किसी ने सच कहा hey eshwar-3 (tanu thadani) हे ईश्वर -3{ तनु थदानी }


किसी  ने  सच  कहा  hey eshwar-3 (tanu thadani) हे ईश्वर -3{ तनु थदानी }





कभी हम  शक्ल  की  हर सिलवटों  पे, उलझे  जाते  हैं  !
कभी   परछाइयों    को   नाप , रस्ता    भूल   जाते   हैं !

जिन्होंने   बालपन  में  प्यार  से ,  जो -जो  रटाया   था ,
सभी  कुछ  याद   रखते   हैं  , उन्ही  को   भूल जाते  हैं !

हमारे   पास  घर  होता  है ,  माँ   होती   है ,  पापा   भी, 
उन्ही  के घर के अन्दर  क्यूँ , अलग  इक  घर  बनाते  हैं ! 

किसी  ने  सच  कहा  की   दिल में, कब्रिस्तान  बनाओ , 
की दफना उसमे गलती प्रियजनो  की ,सुख जो  पाते हैं !

ग़मों  की  बारिशों  में   है  ये  वादा ,   तुम  ना   भींगोगे, 
तुम्हारे  हाथ   में  जब  तक  मेरी , ग़ज़लों  के  छातें  हैं !

गुरुवार, 2 अगस्त 2012

है तुम्हारे साथ ईश्वर, hey eshwar-3 (tanu thadani) हे ईश्वर -3 { तनु थदानी },





घर  समूचा  खींच  लायें , हम  यहां  ब्यापार  तक  !
बेचते  हैं गम  औं  खुशियाँ , बेचतें  व्यवहार  तक  !!


दिख  रहा है  साफ़  बिलकुल, साफ़  इक  ही  रास्ता ,
जा   रहें  सब  लोग  हैं , इस   पार से  उस  पार तक !


खून  पी  इक  दूसरे   का  ,  लड़   के  रस्ता  नापते ,
लूट   कर   विश्वास   चलते , लूटते   हैं   प्यार  तक  !


एक  जादू   ही  तो  है , हँसतें  भी  हो , रोते   भी  हो ,
जिंदगी   को  झेलते  हो    , मौत  वाली  धार  तक !  


तुम  इसे  मानो   न  मानो ,   धर्म   कोई  ओढ़  लो ,
है  तुम्हारे   साथ   ईश्वर , शून्य   से  आकार   तक  !